सूरह कौसर का नक्शा


सूरह कौसर का अमल

सूरह कौसर का अमल – Surah Kausar Ka Amal, Naksha, Tarjuma, Naqsh, Tilawat, Taweez, Wazifa, Dua, आज हम आपको इस्लाम मई सबसे महत्पूर्ण सूरह कौसर का अमल के बारे मे बता रहे रहे है, इसे सूरह कौसर से मुश्किलात का हल और सूरह कौसर से मोहब्बत पाने का अमल भी कहते है. हम आपको यह सूरह कौसर फॉर मोहब्बत की शादी का अमल भी बतायेगे।

Surah Kausar Ka Amal

यह बात हर कोई जानता है कि कुरान ए पाक की हर आयत बेहद खास और शक्तिशाली होती है। इन आयतों को पढ़ने से हमारी ज़िन्दगी की सारी मुश्किले हल हो जाती है। अपनी रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में आपने सूरह कौसर का अमल कई बार पढ़ा होगा।

हमारे मुसलमान भाइयों ने सूरह कौसर के बारे में जरूर सुना होगा और कई बार पढ़ा भी होगा। लेकिन जो लोग इसके बारे में नहीं जानते, उन्हें बता दें कि कुरान ए पाक की 108वीं सूरत को सूरह कौसर कहा जाता है।

सूरह कौसर का अमल – Surah Kausar Ka Amal, Naksha, Tarjuma, Naqsh, Tilawat, Taweez, Wazifa, Dua

सूरह कौसर का अमल में कुल तीन आयतें है। सूरह कौसर पढ़ने वाले लोगों को अल्लाह की विशेष रहमत मिलती है। इसके अलावा सूरह कौसर का अमल पढ़ने से मरने के बाद इंशाल्लाह आपको जन्नत ही नसीब होगी।

सूरह कौसर का अमल बेहद ही आसान है। जिन लोगों का दिमाग कमजोर है या फिर उन्हें भूलने की बीमारी है, उन्हें सूरह कौसर रोज़ाना 129 बार पढ़नी है। सूरह कौसर का अमल आपको प्रत्येक शुक्रवार को कम से कम 129 बार जरूर पढ़ना चाहिए। सुरह कौसर का अमल इस प्रकार है-
इन्ना अतेना अल कौसर

फसल्ली लिह रब्बीका बनहर

इन्ना शानीअका हुवल अवतर

यदि दिन-रात लगातार मेहनत के बाद भी आपको व्यापार में बरकत नहीं हो रही है और आपका नुकसान हो रहा है तो आपको सूरह कौसर का अमल अवश्य पढ़ना चाहिए।

व्यापार में तरक्की के लिए सूरह कौसर का अमल रोज़ाना सात बार पढ़े। व्यापार में बरकत के लिए हर रोज़ दुकान पहुंचकर सबसे पहले आपको सूरह कौसर का अमल सात बार पढ़ना होगा।

सूरह कौसर से मुश्किलात का हल

सूरह कौसर से मुश्किलात का हल – Surah Kausar Se Mushkilat Ka Hal, ज़िन्दगी में उतार-चढ़ाव का आना बेहद आम बात है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते है, जिनकी ज़िन्दगी में रोजाना कोई नई मुश्किल आ जाती है। सूरह कौसर से मुश्किलात का हल की मदद से आप अपनी ज़िन्दगी में आने वाली मुसीबतों को दूर कर सकते है।

यदि कोई दुश्मन आपको रोज़ाना परेशान कर रहा है तो समय रहते ऐसे दुश्मनों को परास्त करना बेहद जरूरी है। अन्यथा ऐसे शत्रु धीरे-धीरे आपके और आपके परिवार के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकते है। अपनी ज़िन्दगी से दुश्मनों को भगाने के लिए या फिर अन्य कोई भी परेशानी आने पर आप सूरह कौसर से मुश्किलात का हल की मदद ले सकते हैं।

Surah Kausar Se Mushkilat Ka Hal

सूरह कौसर से मुश्किलात का हल आपको जुमे के दिन से शुरू करना है। इस्लाम में जुमे के दिन का विशेष महत्व है और किसी भी शुभ काम की शुरुआत के लिए ये दिन बहुत अच्छा माना जाता है। सूरह कौसर से मुश्किलात का हल आपको जुमे के दिन सुबह 11 बजे पढ़ना है। सबसे पहले वुज़ू बना ले और एक सफेद चादर बिछाकर बैठ जाएं।
इसके बाद सूरह कौसर से मुश्किलात का हल आपको 11 मरतबा पढ़ना है। सूरह कौसर की तीनों आयतें आपको 11 बार पढ़नी होगी। यह वजीफा आपको अगले 11 जुमे तक हर हफ्ते अपनाना है।

इस बीच कोई छुट्टी नहीं होनी चाहिए। हालांकि यदि कोई महिला सूरह कौसर से मुश्किलात का हल पढ़ रही है तो उसे पीरियड्स के दौरान यह वजीफा नहीं पढ़ना है। अशुद्ध अवस्था में कुरान की कोई भी आयत पढ़ना बहुत बड़ा गुनाह होता है।

सूरह कौसर से मोहब्बत पाने का अमल

सूरह कौसर से मोहब्बत पाने का अमल – Surah Kausar Se Mohabbat Ka Amal, Naksha, Tarjuma, Naqsh, Tilawat, Taweez, Wazifa, Dua, आज के समय में सच्ची मोहब्बत का मिलना बेहद ही मुश्किल है। जिन लोगों को अपनी ज़िन्दगी में सच्चा प्यार करने वाला जीवनसाथी मिल जाता है, वे अल्लाह के नेक बंदे ही होते है।

यदि आप भी किसी से मोहब्बत करते है, लेकिन सामने वाला व्यक्ति आपको भाव नहीं दे रहा है तो सूरह कौसर से मोहब्बत पाने का अमल का इस्तेमाल कर सकते है। इस अमल के इस्तेमाल से आपके मन की सारी ख्वाइशें पूरी हो जाएगी।

सूरह कौसर से मोहब्बत पाने का अमल की मदद से आप किसी भी व्यक्ति की मोहब्बत हासिल कर सकते है। इस अमल का इस्तेमाल हमेशा सच्चे प्यार के लिए ही करना है। गलत इरादे से यदि आप इस अमल का इस्तेमाल करते है तो आप बड़ी मुसीबत में फंस सकते है।

Surah Kausar Se Mohabbat Ka Amal

आप सूरह कौसर से मोहब्बत पाने का अमल के इस्तेमाल से पहले किसी मौलवी से इजाजत अवश्य लें। इस अमल के लिए आपको अपने प्रेमी की एक तस्वीर की आवश्यकता होगी। यह अमल आप दिन में किसी भी वक्त कर सकते है। लेकिन यदि आप इंशा की नमाज के बाद सूरह कौसर से मोहब्बत पाने का अमल पढ़ते है तो यह जल्दी अपना असर दिखाना शुरू करता है।
इस्लाम मे सूरह कौसर से मोहब्बत पाने का अमल के लिए आपको नमाज़ अदा करने के बाद 11 बार दुरूद शरीफ पढ़ना है। इसके बाद 60 बार सूरह कौसर पढ़े और अंत में फिर से 11 बार दुरूद ए शरीफ पढ़े। सूरह कौसर का अमल पूरा पढ़ने के बाद आपको अपने महबूब की तस्वीर पर दम करना है। सूरह कौसर से मोहब्बत पाने का अमल आपको 40 दिन तक हर रोज़ पढ़ना है।

सूरह कौसर फॉर मोहब्बत की शादी

सूरह कौसर फॉर मोहब्बत की शादी – Surah Kausar For Mohabbat Ki Shadi, Amal, Naksha, Tarjuma, Naqsh, Tilawat, Taweez, Wazifa, Dua, यदि आप किसी से सच्ची मोहब्बत करते है और उस व्यक्ति के साथ शादी करना चाहते है तो सूरह कौसर फॉर मोहब्बत की शादी के वजीफे का इस्तेमाल कर सकते है।

यह दुनिया बहुत ही जालिम होती है जो दो सच्चा प्यार करने वाले आशिकों को मिलने से रोकती है। कई बार प्रेमी-प्रेमिका के घरवालें ही उनके निकाह में बाधा डालने का काम करते है।

अपने घरवालों को राज़ी करने के लिए और शादी में आ रही सभी रुकावटों को दूर करने के लिए आप सूरह कौसर फॉर मोहब्बत की शादी की मदद ले सकते है।

Surah Kausar For Mohabbat Ki Shadi

सूरह कौसर फॉर मोहब्बत की शादी का अमल लड़का या लड़की दोनों में से कोई एक व्यक्ति पढ़ सकता है। लेकिन यदि आप दोनों एक दूसरे से जल्द से जल्द शादी करना चाहते है तो इस वजीफे को साथ मिलकर पढ़े। ऐसा करने से पूरी दुनिया को आपके प्यार की ताकत का अहसास होगा। यह अमल कुल 41 का होता है।
सूरह कौसर फॉर मोहब्बत की शादी का वजीफा आपको फज़्र की नमाज के बाद पढ़ना है। किसी एकांत कमरे में बैठ जाएं और नमाज पूरी होने के बाद 7 बार सूरह कौसर फॉर मोहब्बत की शादी का अमल पढ़े। इसके बाद एक गिलास पानी में फूंक मारे और उसमें से आधा पानी खुद पी ले। बचा हुआ आधा पानी अपने प्रेमी को पिला दे।

यदि प्रेमी कहीं दूर रहता है तो उसकी तस्वीर पर इस जल की कुछ बूंदे डाल दें। सूरह कौसर फॉर मोहब्बत की शादी का यह वजीफा अपनाने के बाद आपको आपके प्यार से दुनिया की कोई ताकत अलग नहीं कर पाएगी।

सूरह कौसर हिंदी में लिखी हुई


surah kausar in hindi | सूरह कौसर हिंदी में तर्जुमा के साथ

सूरह कौसर कुरआन के पारा न० 30 में सूरह न० 108 है इस सूरह में 3 आयते हैं । आज की इस पोस्ट में हम सूरह कौसर हिंदी में surah kausar in hindi में और surah kausar in hindi tarjuma के साथ और surah kausar in english में और surah kausar translation in english में और surah kausar in arabic और surah kausar in urdu tarjuma के साथ साथ इस पोस्ट में हम surah kausar in hindi pdf की फाईल भी उपलब्ध करा रहे है जिसे आप आसानी से surah kausar in hindi pdf free download कर सकते हैं।

Surah Kausar in Arabic
سورة الكوثر

بِسْمِ اللَّـهِ الرَّحْمَـٰنِ الرَّحِيمِ
إِنَّا أَعْطَيْنَاكَ الْكَوْثَرَ ﴿١﴾ فَصَلِّ لِرَبِّكَ وَانْحَرْ ﴿٢﴾ إِنَّ شَانِئَكَ هُوَ الْأَبْتَرُ ﴿٣

Surah Kausar in Urdu Translation
اللہ کے نام سےشروع جو نہایت مہربان ہمیشہ رحم فرمانےوالا ہے

بیشک ہم نے آپ کو (ہر خیر و فضیلت میں) بے انتہا کثرت بخشی ہے٭، ٭ کوثر سے مراد حوضِ کوثر یا نہرِ جنت بھی ہے اور قرآن اور نبوت و حکمت بھی، فضائل و معجزات کی کثرت یا اصحاب و اتباع اور امت کی کثرت بھی مراد لی گئی ہے۔ رفعتِ ذکر اور خلقِ عظیم بھی مراد ہے اور دنیا و آخرت کی نعمتیں بھی، نصرتِ الٰہیہ اور کثرتِ فتوحات بھی مراد ہیں اور روزِ قیامت مقامِ محمود اور شفاعتِ عظمیٰ بھی مراد لی گئی ہے۔ (1) پس آپ اپنے رب کے لئے نماز پڑھا کریں اور قربانی دیا کریں (یہ ہدیۂ تشکرّ ہے)، (2) بیشک آپ کا دشمن ہی بے نسل اور بے نام و نشاں ہوگا، (3

सूरह कौसर हिंदी में

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम

इन्ना अअ्तैना कल् कौसर् (1)

फ़-सल्लि लिरब्बि-क वन्हर् (2)

इन्न शानि-अ-क हुवल् अब्तर् (3)*

surah kausar in hindi tarjuma | सूरह कौसर हिंदी में तर्जुमा के साथ

सूरह कौसर हिंदी में तर्जुमा के साथ

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम

अल्लाह के नाम से जो रहमान व रहीम है

इन्ना अअ्तैना कल् कौसर् (1)

(ऐ रसूल) हमनें तुमको को कौसर अता किया, (1)

फ़-सल्लि लिरब्बि-क वन्हर् (2)

तो तुम अपने परवरदिगार की नमाज़ पढ़ा करो (2)

इन्न शानि-अ-क हुवल् अब्तर् (3)*

और क़ुर्बानी दिया करो बेशक तुम्हारा दुश्मन बे औलाद रहेगा (3)

महबूब के दिल में मोहब्बत पैदा करने का वजीफा


किसी के दिल में मोहब्बत पैदा करने के लिए वजीफा

किसी के दिल में मोहब्बत पैदा करने के लिए वजीफा – Kisi Ke Dil Mein Mohabbat Paida Karne Ke Liye Wazifa, Dua, Amal, यदि आप किसी भी लड़के या लड़की या कोई भी जिसके दिल मे आप मोहब्बत जगाना चाहते है तो हम आज आपको महबूब के दिल में मोहब्बत पैदा करने का वजीफा बता रहे है. इसके अलावा आज हम आपको दुश्मन के दिल में मोहब्बत पैदा करने का वजीफा और सास के दिल में मोहब्बत पैदा करने का वजीफा भी बतायेगे

Kisi Ke Dil Mein Mohabbat Paida Karne Ke Liye Wazifa

परिवार-समाज में सभी रिश्ते-नाते मोहब्बत की बुनियाद पर ही टिके होते हैं। कोई किससे कितना प्यार करता है, और किसके दिल में कैसी बेशुमार मोहब्बत है, इसका अंदाजा लगाना आसान नहीं होता।

जबकि किसी व्यक्ति के दिल में बेमिसाल मोहब्बत अवश्य पैदा की जा सकती है। हर महबूब अपनी महबूबा के दिल में मोहब्बत पैदा करने की कोशिश करत है, तो किसी महबूबा की एकमात्र ख्वाहिश होती है कि उसका मेहबूब उसे बेइंतहा प्यार करे।

किसी के दिल में मोहब्बत पैदा करने के लिए वजीफा- Kisi Ke Dil Mein Mohabbat Paida Karne Ke Liye Wazifa, Dua, Amal

मिंया-बीवी हों, सास और बहू हों या फिर परिवार के दूसरे सदस्य, हर किसी के दिल में बना एक-दूसरे के प्रति प्रेम ही परिवार और समाज में परंपरागत संस्कार व मान-मर्यादा को बढ़ाने में सहायक बनता है।

यह सर्वमान्य है कि मोहब्बत में खुदा का वास होता है। इंसान उसी खुदा की खिदमत कर हर किसी के दिल में भी मोहब्बत की अलख जगा सकता है। इस्लाम में किसी की मोहब्बत हासिल करने से लेकर दूसरे के दिल मंे मोहब्बत पैदा करने के लिए सच्चे मन से अल्लाह के इबादत की सलाह दी गई है।

कुरान-ए-पाक में कई आयतें हैं, जिन्हें कायदे से पढ़ने पर उसका असर एक बेहतरीन वजीफे की तरह होता है। इन दुआओं से सगे-संबंधी और हितैषी क्या, दुश्मन तक के दिल में मोहब्बत पैदा की जा सकती है। वह वजीफा इस प्रकार हैः-

नादे अलिय्यम-मजहरल अजाइबी अवनल्ल्का फिन्नवाइबी कुल्लू हम्मिंव व ग़म्मिन स यनजली बिरहमतिका या अल्लाहू बिनबूव्वतिका या मुहम्मदु सूलल्लाही वबी विला यातिका या अलिय्यु, या अलिय्यु, या अलिय्यु

महबूब के दिल में मोहब्बत पैदा करने का वजीफा


महबूब के दिल में मोहब्बत पैदा करने का वजीफा – Mahaboob Ke Dil Mai Mohabbat Paida Karne Ka Wazifa, Dua, Amal, यदि कोई लड़की किसी लड़के को बेहद पसंद करती है, और उससे बेपनाह मोहब्बत कर बैठती है तब उम्मीद करती है कि उसका महबूब भी उसे बहुत प्यार करे।

जबकि कोई जरूरी नहीं कि वह लड़का भी उससे मोहब्बत करे। लड़की द्वारा सुंदरता और आचार-व्यवहार से प्रेमी को रिझाने की कोशिशें जब बेकार हो जाती है तब उसे इस्लामी वजीफे का सहारा लेना चाहिए, ताकि अपने महबूब के दिल में मोहब्बत पैदा कर सके।

डेटिंग पर जाने, सोशल साइटों पर आकर्षक शेरो-शायरी के साथ चैटिंग और फोन पर बातें करने, या फिर तारीफों का पुल बांधने जैसे कामों में वजीफे की दुआएं काफी सहायक बनती हैं। वजीफा ठीक से तभी काम करता है जब उसे आप खुद के दम पर इस्लामी तरीके के साथ पढ़ते हैं।

Mahaboob Ke Dil Mai Mohabbat Paida Karne Ka Wazifa

महबूब के दिल में मोहब्बत पैदा करने वाले को चाहिए कि वह ऊपर दिए गया वजीफा सुबह साढ़े 11 बजे तक चाश्त के वक्त में पढ़े।
शुरूआत किसी भी जुमे के रोज यानी शुक्रवार के दिन से की जा सकती है। पाक-साफ होकर पहले वुजू बना लें। फिर फज्र से चाश्त के दरम्यान 47 मरतबा वजीफा ‘नाद-ए-अली को पढ़ें।
उसके बाद अपने महबूब से फोन पर बातें करें, या मिलने के वास्ते मैसेजिंग दें। आप पाएंगे कि माशूक मोहब्बत का दीवाना बन हैरान-परेशान होकर मिलने के लिए बेकरार हो जाएगा। महबूब से बात नहीं कर पाने की स्थिति में उसकी तस्वीर पर दम कर सकते हैं।
इस वजीफे को हैज या माहवारी के दिनों को छोड़कर हर जुमे के रोज पढ़ा जा सकता है। इसकी कोई मियाद नहीं होती है।


दुश्मन के दिल में मोहब्बत पैदा करने की दुआ


दुश्मन के दिल में मोहब्बत पैदा करने की दुआ – Dushman Ke Dil Mein Mohabbat Paida Karne Ki Dua, Wazifa, Amal, इस्लामी दुआओं में काफी दम होता है। इसका असर लंबे समय तक बना रहता है। उसके लिए कुरान-ए-पाक में बताए गए वजीफे को अगर सही तरह से नियमित तौर पर पढ़ा जाए, तो दुश्मन के दिल में भी मोहब्बत पैदा की जा सकती है। गलत तरीके से नुकसान भी हो सकता है।

पुरानी से पुरानी दुश्मनी हमेशा के लिए खत्म की जा सकती है। जानकार मौलवी से इसके तरीके की जानकारी लेकर दुश्मन के नाम और तस्वीर के साथ अल्लाह से दुआ करनी चाहिए कि उनकी दुश्मनी दोस्ती में बदल जाए।

Dushman Ke Dil Mein Mohabbat Paida Karne Ki Dua

इसकी शुरूआत किसी भी दिन प्रातः सात से दस बजे के बीच कर सकते हैं। घर के किसी एकांत कोने में सुकून की जगह पर चादर बिछाएं और वुजू कर बैठ जाएं। बिस्तर चाहे जमीन पर हो या फिर चैकी पर, उसका पाक-साफ होना जरूरी है।
दुआ के लिए वजीफा पढ़ने से पहले 11 बार दुरूद शरीफ पढ़ें।
उसके बाद कुरान-ए-पाक में दिए गए सुराह युसुफ की आयत 30 के एक छोटा से हिस्से को बिस्मिल्लाह शरीफ पढ़कर 101 मरतबा पढ़ें।
आखिर में दुरूद शरीफ को एक बार फिर से 11 बार पढ़ें।
इसे पढ़ते समय उस व्यक्ति की तस्वीर जेहन में बिठा लें और अंत में अल्लाह से दुआ करें कि वे उसके दिल में मोहब्बत पैदा करे, ताकि दश्मनी हमेशा के लिए खत्म हो जाए। उसकी तस्वीर पर दम भी कर सकते हैं।
यह वजीफा कायदे से 11 दिनों तक लगातार अवश्य पढ़ें। नतीजे नहीं आने पर 21 दिनो तक पढ़ सकते। इसे कोई महिला भी पढ़ सकती है, लेकिन उसे माहवारी के दिनों में परहेज के साथ अल्लाह से दुआ करनी चाहिए।
सास के दिल में मोहब्बत पैदा करने का वजीफा
सास के दिल में मोहब्बत पैदा करने का वजीफा – Saas Ke Dil Mein Mohabbat Paida Karne Ka Wazifa, Dua, Amal, सास और बहू के बीच अनबन का होना बहुत ही साधारण बात है। हर बहू चाहती है कि सास के दिल में उसके प्रति मोहब्बत बनी रहे। ऐसी बहू सास का दिल जीतने की पूरी कोशिश करती है,

लेकिन कई बार नाकामी भी मिलती है। इस स्थिति में इस्लामी वजीफा पढ़कर सास के दिल में मोहब्बत पैदा करने की कोशिश करने से बहू निश्चित तौर पर सफल हो सकती है।

वजीफे को बहुत ही सावधानी बरतते हुए और नियम के साथ पढ़ना चाहिए। वह वजीफा है- वा तम्मत कलिमातु रब्बीका सिद्दकनवा वा अल्ल, ला मुबद्दीला ली कलिमातिह, वा हुवास समीउल अलीम।

Saas Ke Dil Mein Mohabbat Paida Karne Ka Wazifa

माहवारी के दिनों को छोड़कर किसी भी दिन इसकी शुरूआत की जा सकती है। बगैर नागा किए हुए कम से कम 11 दिन या फिर 21 दिनों तक रात को सोने से ठीक पहले वजीफ पढ़ना चाहिए।
सबसे पहले ताजा वुजू बनाकर पहले 11 बार दुरूद शरीफ पढ़ें। उसके बाद ऊपर वर्णित वजीफे को 101 बार पढ़ें।
अंत में एक बार फिर से 11 बार दुरूद शरीफ को पढ़ें। वजीफा पढ़ने के दौरान अपनी सास का ख्याल जेहन में बनाए रखें। साथ में उनके पसंद की किसी चीज पर दम करें और आगले रोज सास को भेंट कर दें। कुछ नहीं हो तो एक पुड़िया चीनी पर ही दम कर उन्हें शरबत बनाकर पिला दें।
Yadi aap chahte hai kisi ladki ya ladka ya koi bhi jiske dil mai aapke liye mohabbat paida ho jaye to hum aaj aapko dege Kisi Ke Dil Mein Mohabbat Paida Karne Ke Liye Wazifa, Dua, Amal.